नक्षत्र
स्वाति नक्षत्र
स्वाति नक्षत्र के स्वामी राहु हैं और इसका प्रतीक नवांकुर है। यह देव गण, अंत्य नाड़ी और भैंस योनि का है। गुण मिलान में गण, नाड़ी और योनि कूट सीधे इन्हीं पर आधारित होते हैं।
- स्वामी ग्रह
- राहु
- गण
- देव
- नाड़ी
- अंत्य
- योनि
- भैंस
- प्रतीक
- नवांकुर
- देवता
- वायु
पद, अंश और शुभ अक्षर
| पद | अंश (डिग्री) | शुभ अक्षर |
|---|---|---|
| पद 1 | 186°40' – 190° | रू Ru |
| पद 2 | 190° – 193°20' | रे Re |
| पद 3 | 193°20' – 196°40' | रो Ro |
| पद 4 | 196°40' – 200° | ता Ta |
योनि कूट
स्वाति नक्षत्र की योनि भैंस (Buffalo) है। गुण मिलान में योनि कूट (अधिकतम 4 अंक) दो व्यक्तियों की शारीरिक और सहज अनुकूलता का आकलन करता है।
भैंस योनि की वैर-जोड़ी घोड़ा योनि है। इन दो योनियों की जोड़ी को योनि कूट में 0 अंक मिलते हैं।
भैंस योनि के अन्य नक्षत्र:
गुण मिलान में गण की भूमिका
देव · मनुष्य: यह जोड़ी गण कूट में सामान्यतः ठीक मानी जाती है, बड़ी बाधा की आशंका कम रहती है।
देव · राक्षस: देव और राक्षस गण की जोड़ी को परंपरागत रूप से गण दोष का संकेत माना जाता है, पूर्ण कुंडली मिलान में इसकी विस्तृत जाँच ज़रूरी है।
सामान्य प्रश्न
स्वाति नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है? +
स्वाति नक्षत्र के स्वामी राहु हैं।
स्वाति नक्षत्र किस गण और नाड़ी का है? +
स्वाति नक्षत्र देव गण और अंत्य नाड़ी का है। गुण मिलान में गण और नाड़ी कूट सीधे इन्हीं पर आधारित होते हैं।
स्वाति नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या है? +
स्वाति नक्षत्र का प्रतीक नवांकुर है और इसके देवता वायु हैं।
स्वाति नक्षत्र की योनि कौन सी है? +
स्वाति नक्षत्र की योनि भैंस है। योनि कूट में इसका वैर-जोड़ी घोड़ा योनि है।
स्वाति नक्षत्र से बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें? +
स्वाति नक्षत्र के चार पदों के शुभ अक्षर हैं: पद 1: रू, पद 2: रे, पद 3: रो, पद 4: ता।
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