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नक्षत्र

मृगशिरा नक्षत्र

मृगशिरा नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं और इसका प्रतीक मृग का सिर है। यह देव गण, मध्य नाड़ी और सर्प योनि का है। गुण मिलान में गण, नाड़ी और योनि कूट सीधे इन्हीं पर आधारित होते हैं।

स्वामी ग्रह
मंगल
गण
देव
नाड़ी
मध्य
योनि
सर्प
प्रतीक
मृग का सिर
देवता
सोम

पद, अंश और शुभ अक्षर

पद अंश (डिग्री) शुभ अक्षर
पद 1 53°20' – 56°40' वे Ve
पद 2 56°40' – 60° वो Vo
पद 3 60° – 63°20' का Ka
पद 4 63°20' – 66°40' की Ki

सभी 27 नक्षत्रों की पद-अक्षर सारणी देखें

योनि कूट

मृगशिरा नक्षत्र की योनि सर्प (Serpent) है। गुण मिलान में योनि कूट (अधिकतम 4 अंक) दो व्यक्तियों की शारीरिक और सहज अनुकूलता का आकलन करता है।

सर्प योनि की वैर-जोड़ी नेवला योनि है। इन दो योनियों की जोड़ी को योनि कूट में 0 अंक मिलते हैं।

सर्प योनि के अन्य नक्षत्र:

गुण मिलान में गण की भूमिका

देव · मनुष्य: यह जोड़ी गण कूट में सामान्यतः ठीक मानी जाती है, बड़ी बाधा की आशंका कम रहती है।

देव · राक्षस: देव और राक्षस गण की जोड़ी को परंपरागत रूप से गण दोष का संकेत माना जाता है, पूर्ण कुंडली मिलान में इसकी विस्तृत जाँच ज़रूरी है।

सामान्य प्रश्न

मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है? +

मृगशिरा नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं।

मृगशिरा नक्षत्र किस गण और नाड़ी का है? +

मृगशिरा नक्षत्र देव गण और मध्य नाड़ी का है। गुण मिलान में गण और नाड़ी कूट सीधे इन्हीं पर आधारित होते हैं।

मृगशिरा नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या है? +

मृगशिरा नक्षत्र का प्रतीक मृग का सिर है और इसके देवता सोम हैं।

मृगशिरा नक्षत्र की योनि कौन सी है? +

मृगशिरा नक्षत्र की योनि सर्प है। योनि कूट में इसका वैर-जोड़ी नेवला योनि है।

मृगशिरा नक्षत्र से बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें? +

मृगशिरा नक्षत्र के चार पदों के शुभ अक्षर हैं: पद 1: वे, पद 2: वो, पद 3: का, पद 4: की।

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