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नक्षत्र

अश्विनी नक्षत्र

अश्विनी नक्षत्र के स्वामी केतु हैं और इसका प्रतीक घोड़े का सिर है। यह देव गण, आदि नाड़ी और घोड़ा योनि का है। गुण मिलान में गण, नाड़ी और योनि कूट सीधे इन्हीं पर आधारित होते हैं।

स्वामी ग्रह
केतु
गण
देव
नाड़ी
आदि
योनि
घोड़ा
प्रतीक
घोड़े का सिर
देवता
अश्विनी कुमार

पद, अंश और शुभ अक्षर

पद अंश (डिग्री) शुभ अक्षर
पद 1 0° – 3°20' चु Chu
पद 2 3°20' – 6°40' चे Che
पद 3 6°40' – 10° चो Cho
पद 4 10° – 13°20' ला La

सभी 27 नक्षत्रों की पद-अक्षर सारणी देखें

योनि कूट

अश्विनी नक्षत्र की योनि घोड़ा (Horse) है। गुण मिलान में योनि कूट (अधिकतम 4 अंक) दो व्यक्तियों की शारीरिक और सहज अनुकूलता का आकलन करता है।

घोड़ा योनि की वैर-जोड़ी भैंस योनि है। इन दो योनियों की जोड़ी को योनि कूट में 0 अंक मिलते हैं।

घोड़ा योनि के अन्य नक्षत्र:

गुण मिलान में गण की भूमिका

देव · मनुष्य: यह जोड़ी गण कूट में सामान्यतः ठीक मानी जाती है, बड़ी बाधा की आशंका कम रहती है।

देव · राक्षस: देव और राक्षस गण की जोड़ी को परंपरागत रूप से गण दोष का संकेत माना जाता है, पूर्ण कुंडली मिलान में इसकी विस्तृत जाँच ज़रूरी है।

सामान्य प्रश्न

अश्विनी नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है? +

अश्विनी नक्षत्र के स्वामी केतु हैं।

अश्विनी नक्षत्र किस गण और नाड़ी का है? +

अश्विनी नक्षत्र देव गण और आदि नाड़ी का है। गुण मिलान में गण और नाड़ी कूट सीधे इन्हीं पर आधारित होते हैं।

अश्विनी नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या है? +

अश्विनी नक्षत्र का प्रतीक घोड़े का सिर है और इसके देवता अश्विनी कुमार हैं।

अश्विनी नक्षत्र की योनि कौन सी है? +

अश्विनी नक्षत्र की योनि घोड़ा है। योनि कूट में इसका वैर-जोड़ी भैंस योनि है।

अश्विनी नक्षत्र से बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें? +

अश्विनी नक्षत्र के चार पदों के शुभ अक्षर हैं: पद 1: चु, पद 2: चे, पद 3: चो, पद 4: ला।

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