नक्षत्र
चित्रा नक्षत्र
चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं और इसका प्रतीक मोती है। यह राक्षस गण, मध्य नाड़ी और बाघ योनि का है। गुण मिलान में गण, नाड़ी और योनि कूट सीधे इन्हीं पर आधारित होते हैं।
- स्वामी ग्रह
- मंगल
- गण
- राक्षस
- नाड़ी
- मध्य
- योनि
- बाघ
- प्रतीक
- मोती
- देवता
- त्वष्टा
पद, अंश और शुभ अक्षर
| पद | अंश (डिग्री) | शुभ अक्षर |
|---|---|---|
| पद 1 | 173°20' – 176°40' | पे Pe |
| पद 2 | 176°40' – 180° | पो Po |
| पद 3 | 180° – 183°20' | रा Ra |
| पद 4 | 183°20' – 186°40' | री Ri |
योनि कूट
चित्रा नक्षत्र की योनि बाघ (Tiger) है। गुण मिलान में योनि कूट (अधिकतम 4 अंक) दो व्यक्तियों की शारीरिक और सहज अनुकूलता का आकलन करता है।
बाघ योनि की वैर-जोड़ी गाय योनि है। इन दो योनियों की जोड़ी को योनि कूट में 0 अंक मिलते हैं।
बाघ योनि के अन्य नक्षत्र:
गुण मिलान में गण की भूमिका
राक्षस · देव: देव और राक्षस गण की जोड़ी को परंपरागत रूप से गण दोष का संकेत माना जाता है, पूर्ण कुंडली मिलान में इसकी विस्तृत जाँच ज़रूरी है।
राक्षस · मनुष्य: यह जोड़ी गण कूट में सामान्यतः ठीक मानी जाती है, बड़ी बाधा की आशंका कम रहती है।
सामान्य प्रश्न
चित्रा नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है? +
चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं।
चित्रा नक्षत्र किस गण और नाड़ी का है? +
चित्रा नक्षत्र राक्षस गण और मध्य नाड़ी का है। गुण मिलान में गण और नाड़ी कूट सीधे इन्हीं पर आधारित होते हैं।
चित्रा नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या है? +
चित्रा नक्षत्र का प्रतीक मोती है और इसके देवता त्वष्टा हैं।
चित्रा नक्षत्र की योनि कौन सी है? +
चित्रा नक्षत्र की योनि बाघ है। योनि कूट में इसका वैर-जोड़ी गाय योनि है।
चित्रा नक्षत्र से बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें? +
चित्रा नक्षत्र के चार पदों के शुभ अक्षर हैं: पद 1: पे, पद 2: पो, पद 3: रा, पद 4: री।
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