नक्षत्र
रोहिणी नक्षत्र
रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चंद्र हैं और इसका प्रतीक रथ है। यह मनुष्य गण, अंत्य नाड़ी और सर्प योनि का है। गुण मिलान में गण, नाड़ी और योनि कूट सीधे इन्हीं पर आधारित होते हैं।
- स्वामी ग्रह
- चंद्र
- गण
- मनुष्य
- नाड़ी
- अंत्य
- योनि
- सर्प
- प्रतीक
- रथ
- देवता
- ब्रह्मा
पद, अंश और शुभ अक्षर
| पद | अंश (डिग्री) | शुभ अक्षर |
|---|---|---|
| पद 1 | 40° – 43°20' | ओ O |
| पद 2 | 43°20' – 46°40' | वा Va |
| पद 3 | 46°40' – 50° | वी Vi |
| पद 4 | 50° – 53°20' | वू Vu |
योनि कूट
रोहिणी नक्षत्र की योनि सर्प (Serpent) है। गुण मिलान में योनि कूट (अधिकतम 4 अंक) दो व्यक्तियों की शारीरिक और सहज अनुकूलता का आकलन करता है।
सर्प योनि की वैर-जोड़ी नेवला योनि है। इन दो योनियों की जोड़ी को योनि कूट में 0 अंक मिलते हैं।
सर्प योनि के अन्य नक्षत्र:
गुण मिलान में गण की भूमिका
मनुष्य · देव: यह जोड़ी गण कूट में सामान्यतः ठीक मानी जाती है, बड़ी बाधा की आशंका कम रहती है।
मनुष्य · राक्षस: यह जोड़ी गण कूट में सामान्यतः ठीक मानी जाती है, बड़ी बाधा की आशंका कम रहती है।
सामान्य प्रश्न
रोहिणी नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है? +
रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चंद्र हैं।
रोहिणी नक्षत्र किस गण और नाड़ी का है? +
रोहिणी नक्षत्र मनुष्य गण और अंत्य नाड़ी का है। गुण मिलान में गण और नाड़ी कूट सीधे इन्हीं पर आधारित होते हैं।
रोहिणी नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या है? +
रोहिणी नक्षत्र का प्रतीक रथ है और इसके देवता ब्रह्मा हैं।
रोहिणी नक्षत्र की योनि कौन सी है? +
रोहिणी नक्षत्र की योनि सर्प है। योनि कूट में इसका वैर-जोड़ी नेवला योनि है।
रोहिणी नक्षत्र से बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें? +
रोहिणी नक्षत्र के चार पदों के शुभ अक्षर हैं: पद 1: ओ, पद 2: वा, पद 3: वी, पद 4: वू।
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