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आरती

श्री साईं बाबा की आरती

आरती साईं बाबा

टेक (हर पद के बाद दोहराएँ)

आरती साईं बाबा, सौख्यदातार जीवा। चरण रजा तली द्यावा, दासाँ विसावा। भक्ताँ विसावा, आरती साईं बाबा॥

पद 1

जाळुनिया अनंग, स्वस्वरूपी राहे दंग। मुमुक्षजनां दावी, निज डोळां श्रीरंग। डोळां श्रीरंग, आरती साईं बाबा॥

पद 2

जया मनी जैसा भाव, तया तैसा अनुभव। दावीसी दयाघना, ऐसी तुझी ही माव। तुझी ही माव, आरती साईं बाबा॥

पद 3

तुमचे नाम ध्यातां, हरे संसृति व्यथा। अगाध तव करणी, मार्ग दावीसी अनाथा। दावीसी अनाथा, आरती साईं बाबा॥

पद 4

कलियुगी अवतार, सगुण परब्रह्म साचार। अवतीर्ण झालासे, स्वामी दत्त दिगम्बर। दत्त दिगम्बर, आरती साईं बाबा॥

सामान्य प्रश्न

श्री साईं बाबा की आरती कब गाई जाती है? +

श्री साईं बाबा की आरती पूजा के अन्त में गाई जाती है, सुबह या शाम दोनों समय। दीपक या कपूर की ज्योत से देवता के समक्ष आरती उतारी जाती है।

श्री साईं बाबा की आरती का टेक क्या है? +

श्री साईं बाबा की आरती का टेक है: "आरती साईं बाबा, सौख्यदातार जीवा।", जिसे हर पद के बाद दोहराया जाता है।

क्या श्री साईं बाबा की आरती पूरी हिंदी में उपलब्ध है? +

हाँ, इस पृष्ठ पर श्री साईं बाबा की आरती के सभी 4 पद पूरे हिंदी में दिए गए हैं।

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