आरती
श्री वैष्णो देवी (शेरावाली) की आरती
अम्बे तू है जगदम्बे काली
टेक (हर पद के बाद दोहराएँ)
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली। तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारें आरती॥
पद 1
तेरे भक्त जनों पर माता, भीर पड़ी है भारी। दानव दल पर टूट पड़ो माँ, करके सिंह सवारी॥
पद 2
सौ सौ सिंहों से तू बलशाली, अष्ट भुजाओं वाली। दुष्टों को तू चबा रही है, कर में खप्पर वाली॥
पद 3
सुर मुनि जन ने तेरी स्तुति गाई, नर नारी जन गाओ। तेरे भवन तक हे माँ, आ पहुँचे हम सब सुखदाई॥
पद 4
जब जब भीर पड़ी भक्तन पर, तूने ही आके सम्भाला। हर संकट में रक्षा की माँ, तूने ही भवन बुलाया॥
पद 5
चरणों की सेवा हम पाएँ, ऐसा हो वर दो माता। दया दृष्टि रखना हम पर, हम हैं तेरे शरणागत॥
सामान्य प्रश्न
श्री वैष्णो देवी (शेरावाली) की आरती कब गाई जाती है? +
श्री वैष्णो देवी (शेरावाली) की आरती पूजा के अन्त में गाई जाती है, सुबह या शाम दोनों समय। दीपक या कपूर की ज्योत से देवता के समक्ष आरती उतारी जाती है।
श्री वैष्णो देवी (शेरावाली) की आरती का टेक क्या है? +
श्री वैष्णो देवी (शेरावाली) की आरती का टेक है: "अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली।", जिसे हर पद के बाद दोहराया जाता है।
क्या श्री वैष्णो देवी (शेरावाली) की आरती पूरी हिंदी में उपलब्ध है? +
हाँ, इस पृष्ठ पर श्री वैष्णो देवी (शेरावाली) की आरती के सभी 5 पद पूरे हिंदी में दिए गए हैं।
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