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सूर्य मंत्र

सूर्य नमस्कार मंत्र

सूर्य देव

सूर्य नमस्कार के हर आसन के साथ बोले जाने वाले बारह नाम, ऊर्जा और स्वास्थ्य के लिए।

कब जपें

सुबह सूर्योदय के समय सूर्य नमस्कार करते हुए।

संस्कृत श्लोक

ॐ मित्राय नमः। ॐ रवये नमः। ॐ सूर्याय नमः। ॐ भानवे नमः। ॐ खगाय नमः। ॐ पूष्णे नमः। ॐ हिरण्यगर्भाय नमः। ॐ मरीचये नमः। ॐ सवित्रे नमः। ॐ आर्काय नमः। ॐ आदित्याय नमः। ॐ भास्कराय नमः।

उच्चारण (रोमन)

Om Mitraya Namah. Om Ravaye Namah. Om Suryaya Namah. Om Bhanave Namah. Om Khagaya Namah. Om Pushne Namah. Om Hiranyagarbhaya Namah. Om Marichaye Namah. Om Savitre Namah. Om Arkaya Namah. Om Adityaya Namah. Om Bhaskaraya Namah.

हिंदी में अर्थ

ये सूर्यदेव के बारह नाम हैं: मित्र (सबका मित्र), रवि (प्रकाशमान), सूर्य, भानु (तेजस्वी), खग (आकाश में चलने वाला), पूषा (पोषण करने वाला), हिरण्यगर्भ, मरीचि (किरणों वाला), सवित्र (प्रेरक), अर्क, आदित्य और भास्कर (प्रकाश फैलाने वाला)। हर आसन के साथ एक नाम बोला जाता है।

सामान्य प्रश्न

सूर्य नमस्कार मंत्र क्या है और इसका क्या महत्व है? +

सूर्य नमस्कार के हर आसन के साथ बोले जाने वाले बारह नाम, ऊर्जा और स्वास्थ्य के लिए।

सूर्य नमस्कार मंत्र कब जपना चाहिए? +

सुबह सूर्योदय के समय सूर्य नमस्कार करते हुए।

सूर्य नमस्कार मंत्र का अर्थ क्या है? +

ये सूर्यदेव के बारह नाम हैं: मित्र (सबका मित्र), रवि (प्रकाशमान), सूर्य, भानु (तेजस्वी), खग (आकाश में चलने वाला), पूषा (पोषण करने वाला), हिरण्यगर्भ, मरीचि (किरणों वाला), सवित्र (प्रेरक), अर्क, आदित्य और भास्कर (प्रकाश फैलाने वाला)। हर आसन के साथ एक नाम बोला जाता है।

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