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गायत्री मंत्र

गायत्री मंत्र

सूर्य देव / सावित्री

बुद्धि, एकाग्रता और आत्मिक तेज बढ़ाने वाला सबसे प्राचीन वैदिक मंत्र।

कब जपें

ब्रह्म मुहूर्त में सूर्योदय के समय, या दिन में तीन बार (प्रातः, मध्याह्न, सायं)।

संस्कृत श्लोक

ॐ भूर्भुवः स्वः, तत्सवितुर्वरेण्यं। भर्गो देवस्य धीमहि, धियो यो नः प्रचोदयात्॥

उच्चारण (रोमन)

Om Bhur Bhuvah Svah, Tat-Savitur-Varenyam, Bhargo Devasya Dheemahi, Dhiyo Yo Nah Prachodayat.

हिंदी में अर्थ

हे सृष्टिकर्ता सूर्यदेव, आपका दिव्य तेज पूजनीय है। हम उसी तेज का ध्यान करते हैं। हमारी बुद्धि को सद्मार्ग पर प्रेरित कीजिए।

सामान्य प्रश्न

गायत्री मंत्र क्या है और इसका क्या महत्व है? +

बुद्धि, एकाग्रता और आत्मिक तेज बढ़ाने वाला सबसे प्राचीन वैदिक मंत्र।

गायत्री मंत्र कब जपना चाहिए? +

ब्रह्म मुहूर्त में सूर्योदय के समय, या दिन में तीन बार (प्रातः, मध्याह्न, सायं)।

गायत्री मंत्र का अर्थ क्या है? +

हे सृष्टिकर्ता सूर्यदेव, आपका दिव्य तेज पूजनीय है। हम उसी तेज का ध्यान करते हैं। हमारी बुद्धि को सद्मार्ग पर प्रेरित कीजिए।

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