गुरु मंत्र
गुरु मंत्र
गुरु
गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए बोला जाने वाला मंत्र।
कब जपें
गुरु पूर्णिमा पर, या किसी भी शिक्षा-कार्य से पहले।
श्लोक 1
संस्कृत श्लोक
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥
उच्चारण (रोमन)
Gurur Brahma Gurur Vishnu Gurur Devo Maheshwarah, Guruh Saakshaat Parabrahma Tasmai Shri Gurave Namah.
हिंदी में अर्थ
गुरु ही ब्रह्मा, विष्णु और महेश्वर हैं, गुरु साक्षात् परब्रह्म हैं। ऐसे गुरु को मेरा नमन।
श्लोक 2
संस्कृत श्लोक
त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव। त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव, त्वमेव सर्वं मम देव देव॥
उच्चारण (रोमन)
Tvameva Mata Cha Pita Tvameva, Tvameva Bandhushcha Sakha Tvameva, Tvameva Vidya Dravinam Tvameva, Tvameva Sarvam Mama Deva Deva.
हिंदी में अर्थ
आप ही मेरे माता-पिता हैं, आप ही बंधु और मित्र हैं। आप ही मेरी विद्या और धन हैं। हे देवाधिदेव, आप ही मेरा सब कुछ हैं।
सामान्य प्रश्न
गुरु मंत्र क्या है और इसका क्या महत्व है? +
गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए बोला जाने वाला मंत्र।
गुरु मंत्र कब जपना चाहिए? +
गुरु पूर्णिमा पर, या किसी भी शिक्षा-कार्य से पहले।
गुरु मंत्र का अर्थ क्या है? +
गुरु ही ब्रह्मा, विष्णु और महेश्वर हैं, गुरु साक्षात् परब्रह्म हैं। ऐसे गुरु को मेरा नमन।
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