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गणेश मंत्र

गणेश वंदना

भगवान गणेश

किसी भी नया काम, यात्रा या पूजा शुरू करने से पहले विघ्न दूर करने के लिए बोला जाने वाला मंत्र।

कब जपें

किसी भी शुभ कार्य, परीक्षा, या पूजा के आरंभ में सबसे पहले।

श्लोक 1

संस्कृत श्लोक

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटिसमप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

उच्चारण (रोमन)

Vakratunda Mahakaaya Surya-Koti-Sama-Prabha, Nirvighnam Kuru Me Deva Shubha-Karyeshu Sarvada.

हिंदी में अर्थ

घुमावदार सूँड़ और विशाल काया वाले, करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी हे गणेश, मेरे हर शुभ कार्य को सदा बिना किसी विघ्न के पूर्ण कीजिए।

श्लोक 2

संस्कृत श्लोक

शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम्। प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये॥

उच्चारण (रोमन)

Shuklambaradharam Vishnum Shashivarnam Chaturbhujam, Prasannavadanam Dhyaayet Sarva-Vighnopashaantaye.

हिंदी में अर्थ

श्वेत वस्त्र धारण करने वाले, चंद्रमा के समान वर्ण, चार भुजाओं वाले और सदा प्रसन्नमुख गणेश का ध्यान सभी बाधाओं की शांति के लिए किया जाता है।

सामान्य प्रश्न

गणेश वंदना क्या है और इसका क्या महत्व है? +

किसी भी नया काम, यात्रा या पूजा शुरू करने से पहले विघ्न दूर करने के लिए बोला जाने वाला मंत्र।

गणेश वंदना कब जपना चाहिए? +

किसी भी शुभ कार्य, परीक्षा, या पूजा के आरंभ में सबसे पहले।

गणेश वंदना का अर्थ क्या है? +

घुमावदार सूँड़ और विशाल काया वाले, करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी हे गणेश, मेरे हर शुभ कार्य को सदा बिना किसी विघ्न के पूर्ण कीजिए।

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