मुख्य सामग्री पर जाएँ

आरती

श्री सूर्य देव की आरती

ॐ जय सूर्य भगवान

टेक (हर पद के बाद दोहराएँ)

ॐ जय सूर्य भगवान, स्वामी जय सूर्य भगवान। सकल सृष्टि के स्वामी, तुम अन्तर्यामी॥

पद 1

सारथी अरुण हैं प्रभु के, सप्त अश्व रथ मानो। कोटि कोटि तेजस्वी, हे किरणों के दाता॥

पद 2

ऋग्, यजु, साम, अथर्व, तुम्हारा यश गाते। नमो नमो जग वन्दन, हे रश्मि रचैया॥

पद 3

कुष्ठ मिटाओ मेरे, प्रभु सन्ताप हरो। प्रकाश सत्य का दो प्रभु, अन्धकार निवारो॥

पद 4

सूर्यदेव की आरती, जो कोई नर गावे। मन इच्छित फल पावे, दुख दूर भगावे॥

सामान्य प्रश्न

श्री सूर्य देव की आरती कब गाई जाती है? +

श्री सूर्य देव की आरती पूजा के अन्त में गाई जाती है, सुबह या शाम दोनों समय। दीपक या कपूर की ज्योत से देवता के समक्ष आरती उतारी जाती है।

श्री सूर्य देव की आरती का टेक क्या है? +

श्री सूर्य देव की आरती का टेक है: "ॐ जय सूर्य भगवान, स्वामी जय सूर्य भगवान।", जिसे हर पद के बाद दोहराया जाता है।

क्या श्री सूर्य देव की आरती पूरी हिंदी में उपलब्ध है? +

हाँ, इस पृष्ठ पर श्री सूर्य देव की आरती के सभी 4 पद पूरे हिंदी में दिए गए हैं।

← पूरा आरती संग्रह देखें

अपनी कुंडली जानें

जन्म विवरण भरें: स्कोर मुफ़्त में मिलेगा। पूरी रिपोर्ट आपके ईमेल पर भेजी जाएगी।

सटीक खगोलीय गणना · कोई स्पैम नहीं · गोपनीयता