आरती
श्री खाटू श्याम की आरती
ॐ जय श्री श्याम हरे
टेक (हर पद के बाद दोहराएँ)
ॐ जय श्री श्याम हरे, स्वामी जय श्री श्याम हरे। निज भक्तों के तुमने, दुख पल में हरे॥
पद 1
रत्न जड़ित सिंहासन, ऊपर विराजत हैं। कोटि रवि सम रूप सुहाना, प्रभु मुख शोभित है॥
पद 2
मोर मुकुट सिर सोहे, पीत वसन तन पर। गल वैजन्ती माला, बंसी हाथों पर॥
पद 3
हारे का सहारा बाबा, तेरा नाम है। खाटू में विराजे बाबा, तेरा धाम है॥
पद 4
तीन बाण धारी बाबा, तेरी बलिहारी। शीश दान देने वाले, तुम श्याम मुरारी॥
पद 5
श्याम बाबा की आरती, जो कोई नर गावे। हारे को सहारा दो प्रभु, मन इच्छित फल पावे॥
सामान्य प्रश्न
श्री खाटू श्याम की आरती कब गाई जाती है? +
श्री खाटू श्याम की आरती पूजा के अन्त में गाई जाती है, सुबह या शाम दोनों समय। दीपक या कपूर की ज्योत से देवता के समक्ष आरती उतारी जाती है।
श्री खाटू श्याम की आरती का टेक क्या है? +
श्री खाटू श्याम की आरती का टेक है: "ॐ जय श्री श्याम हरे, स्वामी जय श्री श्याम हरे।", जिसे हर पद के बाद दोहराया जाता है।
क्या श्री खाटू श्याम की आरती पूरी हिंदी में उपलब्ध है? +
हाँ, इस पृष्ठ पर श्री खाटू श्याम की आरती के सभी 5 पद पूरे हिंदी में दिए गए हैं।
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