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आरती

श्री भैरव बाबा की आरती

जय भैरव देवा

टेक (हर पद के बाद दोहराएँ)

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा। जय काली पुत्र प्रभु, शिव अंश जन सेवा॥

पद 1

श्याम वर्ण तन सोहे, त्रिशूल कर धारी। डमरू कर विराजे, गल मुण्डमाला प्यारी॥

पद 2

श्वान वाहन साजे, कर में खप्पर धारी। भक्तों के दुख हरते, प्रभु काशी अधिकारी॥

पद 3

भूत प्रेत भय काटो, संकट सब हारो। अष्ट सिद्धि नव निधि दो, दास पर कृपा कारो॥

पद 4

बाबा भैरव की आरती, जो कोई नर गावे। पाप ताप सब मिटें, सुख सम्पत्ति पावे॥

सामान्य प्रश्न

श्री भैरव बाबा की आरती कब गाई जाती है? +

श्री भैरव बाबा की आरती पूजा के अन्त में गाई जाती है, सुबह या शाम दोनों समय। दीपक या कपूर की ज्योत से देवता के समक्ष आरती उतारी जाती है।

श्री भैरव बाबा की आरती का टेक क्या है? +

श्री भैरव बाबा की आरती का टेक है: "जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा।", जिसे हर पद के बाद दोहराया जाता है।

क्या श्री भैरव बाबा की आरती पूरी हिंदी में उपलब्ध है? +

हाँ, इस पृष्ठ पर श्री भैरव बाबा की आरती के सभी 4 पद पूरे हिंदी में दिए गए हैं।

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