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नक्षत्र

ज्येष्ठा नक्षत्र

ज्येष्ठा नक्षत्र के स्वामी बुध हैं और इसका प्रतीक कुंडल है। यह राक्षस गण, आदि नाड़ी और हिरन योनि का है। गुण मिलान में गण, नाड़ी और योनि कूट सीधे इन्हीं पर आधारित होते हैं।

स्वामी ग्रह
बुध
गण
राक्षस
नाड़ी
आदि
योनि
हिरन
प्रतीक
कुंडल
देवता
इंद्र

पद, अंश और शुभ अक्षर

पद अंश (डिग्री) शुभ अक्षर
पद 1 226°40' – 230° नो No
पद 2 230° – 233°20' या Ya
पद 3 233°20' – 236°40' यी Yi
पद 4 236°40' – 240° यू Yu

सभी 27 नक्षत्रों की पद-अक्षर सारणी देखें

योनि कूट

ज्येष्ठा नक्षत्र की योनि हिरन (Deer) है। गुण मिलान में योनि कूट (अधिकतम 4 अंक) दो व्यक्तियों की शारीरिक और सहज अनुकूलता का आकलन करता है।

हिरन योनि की वैर-जोड़ी कुत्ता योनि है। इन दो योनियों की जोड़ी को योनि कूट में 0 अंक मिलते हैं।

हिरन योनि के अन्य नक्षत्र:

गुण मिलान में गण की भूमिका

राक्षस · देव: देव और राक्षस गण की जोड़ी को परंपरागत रूप से गण दोष का संकेत माना जाता है, पूर्ण कुंडली मिलान में इसकी विस्तृत जाँच ज़रूरी है।

राक्षस · मनुष्य: यह जोड़ी गण कूट में सामान्यतः ठीक मानी जाती है, बड़ी बाधा की आशंका कम रहती है।

सामान्य प्रश्न

ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है? +

ज्येष्ठा नक्षत्र के स्वामी बुध हैं।

ज्येष्ठा नक्षत्र किस गण और नाड़ी का है? +

ज्येष्ठा नक्षत्र राक्षस गण और आदि नाड़ी का है। गुण मिलान में गण और नाड़ी कूट सीधे इन्हीं पर आधारित होते हैं।

ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या है? +

ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रतीक कुंडल है और इसके देवता इंद्र हैं।

ज्येष्ठा नक्षत्र की योनि कौन सी है? +

ज्येष्ठा नक्षत्र की योनि हिरन है। योनि कूट में इसका वैर-जोड़ी कुत्ता योनि है।

ज्येष्ठा नक्षत्र से बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें? +

ज्येष्ठा नक्षत्र के चार पदों के शुभ अक्षर हैं: पद 1: नो, पद 2: या, पद 3: यी, पद 4: यू।

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