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मुहूर्त · गृह प्रवेश

गृह प्रवेश मुहूर्त

नए घर में प्रवेश के लिए अगले 90 दिनों में सबसे शुभ दिन कौन-से हैं, यह जानें। हर दिन का 0-100 स्कोर और उत्तम/शुभ/ठीक/सावधानी के साथ।

शुभ नक्षत्र

रोहिणी, मृगशिरा, उत्तराफाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद, रेवती।

अशुभ नक्षत्र

भरणी, कृत्तिका, आश्लेषा, ज्येष्ठा और मूल, नए घर के प्रवेश के लिए परंपरागत रूप से टाले जाते हैं।

वार का नियम

मंगलवार और शनिवार को गृह प्रवेश आमतौर पर नहीं रखा जाता।

और ध्यान देने योग्य

  • रिक्ता तिथि (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) और अमावस्या के दिन से बचें, चाहे नक्षत्र अनुकूल हो।
  • नए घर के लिए शुभ मास आमतौर पर माघ, फाल्गुन, वैशाख और ज्येष्ठ माने जाते हैं; अधिक मास और चातुर्मास (आषाढ़ से कार्तिक) में गृह प्रवेश परंपरागत रूप से नहीं रखा जाता।
  • यह उपकरण दिन तय करने के लिए है; उस दिन का सटीक शुभ समय (लग्न, चौघड़िया, अभिजित) आपके पंडित/पुरोहित मौके पर तय करते हैं।

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सामान्य प्रश्न

गृह प्रवेश मुहूर्त से जुड़े सवाल

क्या नए घर में तुरंत रहने लगें, या पहले पूजा ज़रूरी है?

परंपरा में पहले वास्तु शांति और गृह प्रवेश पूजा की जाती है, फिर घर में रहना शुरू किया जाता है। इस उपकरण का काम पूजा और प्रवेश के लिए शुभ दिन चुनने में मदद करना है, पूजा की विधि आपके पुरोहित तय करते हैं।

क्या किराए के घर के लिए भी गृह प्रवेश मुहूर्त देखा जाता है?

हाँ, कई परिवार किराए के नए घर में जाने पर भी छोटा गृह प्रवेश करते हैं। नियम वही हैं, बस अनुष्ठान का आकार छोटा होता है।

चातुर्मास (आषाढ़ से कार्तिक) में गृह प्रवेश क्यों नहीं होता?

परंपरा में इन चार महीनों को देवशयन (देवताओं के विश्राम) का समय माना जाता है, इसलिए नए शुभ कार्य, जैसे विवाह और गृह प्रवेश, अगले शुभ मास तक टाले जाते हैं।

क्या यह उपकरण नए घर की दिशा या वास्तु भी देखता है?

नहीं, यह केवल दिन का शुभ-अशुभ स्कोर देता है। दिशा, वास्तु दोष और भूखंड-नियम अलग विषय हैं और उनके लिए वास्तु शास्त्री से परामर्श लें।