नक्षत्र
धनिष्ठा नक्षत्र
धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं और इसका प्रतीक ढोल है। यह राक्षस गण, मध्य नाड़ी और सिंह योनि का है। गुण मिलान में गण, नाड़ी और योनि कूट सीधे इन्हीं पर आधारित होते हैं।
- स्वामी ग्रह
- मंगल
- गण
- राक्षस
- नाड़ी
- मध्य
- योनि
- सिंह
- प्रतीक
- ढोल
- देवता
- वसु
पद, अंश और शुभ अक्षर
| पद | अंश (डिग्री) | शुभ अक्षर |
|---|---|---|
| पद 1 | 293°20' – 296°40' | गा Ga |
| पद 2 | 296°40' – 300° | गी Gi |
| पद 3 | 300° – 303°20' | गू Gu |
| पद 4 | 303°20' – 306°40' | गे Ge |
योनि कूट
धनिष्ठा नक्षत्र की योनि सिंह (Lion) है। गुण मिलान में योनि कूट (अधिकतम 4 अंक) दो व्यक्तियों की शारीरिक और सहज अनुकूलता का आकलन करता है।
सिंह योनि की वैर-जोड़ी हाथी योनि है। इन दो योनियों की जोड़ी को योनि कूट में 0 अंक मिलते हैं।
सिंह योनि के अन्य नक्षत्र:
गुण मिलान में गण की भूमिका
राक्षस · देव: देव और राक्षस गण की जोड़ी को परंपरागत रूप से गण दोष का संकेत माना जाता है, पूर्ण कुंडली मिलान में इसकी विस्तृत जाँच ज़रूरी है।
राक्षस · मनुष्य: यह जोड़ी गण कूट में सामान्यतः ठीक मानी जाती है, बड़ी बाधा की आशंका कम रहती है।
सामान्य प्रश्न
धनिष्ठा नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है? +
धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं।
धनिष्ठा नक्षत्र किस गण और नाड़ी का है? +
धनिष्ठा नक्षत्र राक्षस गण और मध्य नाड़ी का है। गुण मिलान में गण और नाड़ी कूट सीधे इन्हीं पर आधारित होते हैं।
धनिष्ठा नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या है? +
धनिष्ठा नक्षत्र का प्रतीक ढोल है और इसके देवता वसु हैं।
धनिष्ठा नक्षत्र की योनि कौन सी है? +
धनिष्ठा नक्षत्र की योनि सिंह है। योनि कूट में इसका वैर-जोड़ी हाथी योनि है।
धनिष्ठा नक्षत्र से बच्चे का नाम किस अक्षर से रखें? +
धनिष्ठा नक्षत्र के चार पदों के शुभ अक्षर हैं: पद 1: गा, पद 2: गी, पद 3: गू, पद 4: गे।
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