मुख्य सामग्री पर जाएँ

नित्य मंत्र

प्रभात स्मरण

त्रिदेव और नवग्रह

ब्रह्मा, विष्णु, शिव और नवग्रहों का स्मरण करते हुए शुभ प्रभात की कामना करने वाला मंत्र।

कब जपें

सुबह आँख खुलते ही, बिस्तर से उठने से पहले।

संस्कृत श्लोक

ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च। गुरुश्च शुक्रः शनिराहुकेतवः कुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम्॥

उच्चारण (रोमन)

Brahma Muraristripurantakari Bhanuh Shashi Bhumisuto Budhashcha, Gurushcha Shukrah Shaniraahuketavah Kurvantu Sarve Mama Suprabhatam.

हिंदी में अर्थ

ब्रह्मा, मुरारि (विष्णु) और त्रिपुरांतकारी (शिव), सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु — ये सभी मिलकर मेरी सुबह को शुभ बनाएँ।

सामान्य प्रश्न

प्रभात स्मरण क्या है और इसका क्या महत्व है? +

ब्रह्मा, विष्णु, शिव और नवग्रहों का स्मरण करते हुए शुभ प्रभात की कामना करने वाला मंत्र।

प्रभात स्मरण कब जपना चाहिए? +

सुबह आँख खुलते ही, बिस्तर से उठने से पहले।

प्रभात स्मरण का अर्थ क्या है? +

ब्रह्मा, मुरारि (विष्णु) और त्रिपुरांतकारी (शिव), सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु — ये सभी मिलकर मेरी सुबह को शुभ बनाएँ।

← सभी मंत्र देखें

अपनी कुंडली जानें

जन्म विवरण भरें: स्कोर मुफ़्त में मिलेगा। पूरी रिपोर्ट आपके ईमेल पर भेजी जाएगी।

सटीक खगोलीय गणना · कोई स्पैम नहीं · गोपनीयता